मानक विहीन अस्पताल में चिकित्सक की लापरवाही से गई बच्चे की जान,ऑपरेशन के बाद महिला की हालत गम्भीर

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मानक विहीन अस्पताल में चिकित्सक की लापरवाही से गई बच्चे की जान,ऑपरेशन के बाद महिला की हालत गम्भीर

शिकायत के बावजूद कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति में जुटे अधिकारी



*शिकायत के बावजूद कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति में जुटे अधिकारी*

दुल्लहपुर-गाजीपुर,स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही से फर्जी अस्पताल के चिकित्सक ने एक बार फिर दुनिया में आने से पहले ही नवजात की जान ले ली। स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत से क्षेत्र में फल फूल रहे फर्जी अस्पताल का धंधा क्षेत्र में तेजी से अपना पांव पसार चुका है,वहीं कई जगह- जगह तो फर्जी तरीके से एमबीबीएस चिकित्सकों का नाम छपवा कर अपने खुद ही बिना किसी डिग्री के ऑपरेशन कर रहे हैं और पूछे जाने पर बताते हैं कि डॉक्टर साहब आये थे ऑपरेशन कर के चले गए और जब उस डॉक्टर से बात होती है तो उनके द्वारा साफ साफ इंकार कर दिया जाता है,फिर भी इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो पाती है।
जहाँ दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के हरदासपुर खुर्द स्थित कोल्ड स्टोर के ठीक सामने बिना पंजीकरण के चल रहे जीवनदीप हेल्थ केयर सेंटर पर शुक्रवार की रात ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत की सूचना पर पहुंचे स्वजन व रिश्तेदारो के बाद मामला बढ़ता देख मौके से चिकित्सक फरार हो गया। कुछ देर बाद पहुंचे उसके आधा दर्जन पालतू गुर्गों ने स्वजन को धमकाते हुए प्लास्टिक के झोले में रखा नवजात बच्चे का शव लेकर भाग गए। पीड़ित स्वजन द्वारा पीछा करने के बाद भी शव लेकर भागने वालों का पता नहीं चला। इस घटना के बाद गुस्से से तमतमाई पीड़ित परिवार के संग पहुंची महिलाओं नें बच्चे के शव की मांग की जिस अस्पताल में मौजूद चिकित्सक के छोटे भाई ने मौजूद महिलाओं से बत्तमीजी करना शुरू कर दिया जहाँ हंगामा बढ़ता देख पीड़ित के परिजनों की सूचना पर तुरन्त मौके पर 112 तथा दुल्लहपुर थाने से पुलिस भी पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही संचालक ने फोन कर नवजात का शव वापस मंगा लिया। पुलिस ने अस्पताल संचालक आकाश तथा उसके दो अन्य सहयोगी को लेकर थाना पहुंची। मालूम हो कि खुदाबख्शपुर निवासी अनीता देवी पत्नी मुकेश को पहली डिलीवरी होने के लिए प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार की सुबह छतमा गांव के एक फर्जी अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सक डीके गौतम ने प्रसव के नाम पर ताबड़तोड़ आठ इंजेक्शन लगा दिया। उसके बाद भी प्रसव पीड़ा नहीं होने पर उसने ऑटो में प्रसूता को लेटाकर 1 घंटे तक गड्ढे वाले सड़कों पर दौड़ाया कहा गढ्ढों में हिचकोले खाने के बाद प्रेसर बनेगा और डिलेवरी हो जाएगी लेकिन शाम तक अपने पास रखने पर भी जब डिलीवरी नहीं हुई तो वह अपने पहचान के ही हरदासपुर खुर्द स्थित जीवनदीप हेल्थ केयर सेंटर भेज दिया । चिकित्सक कमलेश चौहान ने पहले नॉर्मल डिलीवरी करने को कहा और पास के ही किसी झोलाछाप महिला डॉक्टर को बुलाकर नार्मल डिलेवरी करवाने लगा फिर ज्यादा स्थिति बिगड़ता देख आधी रात के बाद ऑपरेशन करने की बात कहते हुए 25 हजार रूपए की मांग किया। चिकित्सक द्वारा जच्चा बच्चा दोनों को सही रखने का भरोसा देने पर स्वजन ऑपरेशन के लिए राजी हुए। रात दो बजे ऑपरेशन के बाद लड़का पैदा हुआ लेकीन कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। स्वजन ने प्रसूता से नवजात के मौत की जानकारी छिपाए रखा कि उसे दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। लेकिन अस्पताल में भीड़ जुटने पर प्रसुता को भी इस घटना की जानकारी हो गई। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर एम्बुलेंस से महिला जिला अस्पताल भेज दिया गया। जिस सम्बन्ध में सीएमओ डा० देश दीपक पाल नेे बताया की अभी तहसील दिवस में है । विभाग के किसी अधिकारी को भेज कर जांच कराया जायेगा। एसओ केपी सिंह ने बताया कि नवजात को पीएम के लिए भेजा गया है रिपोर्ट आते ही विधिक कार्यवाही की जाएगी ।दुल्लहपुर-गाजीपुर,स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही से फर्जी अस्पताल के चिकित्सक ने एक बार फिर दुनिया में आने से पहले ही नवजात की जान ले ली। स्वास्थ्य विभाग की मिली भगत से क्षेत्र में फल फूल रहे फर्जी अस्पताल का धंधा क्षेत्र में तेजी से अपना पांव पसार चुका है,वहीं कई जगह- जगह तो फर्जी तरीके से एमबीबीएस चिकित्सकों का नाम छपवा कर अपने खुद ही बिना किसी डिग्री के ऑपरेशन कर रहे हैं और पूछे जाने पर बताते हैं कि डॉक्टर साहब आये थे ऑपरेशन कर के चले गए और जब उस डॉक्टर से बात होती है तो उनके द्वारा साफ साफ इंकार कर दिया जाता है,फिर भी इनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो पाती है।
जहाँ दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के हरदासपुर खुर्द स्थित कोल्ड स्टोर के ठीक सामने बिना पंजीकरण के चल रहे जीवनदीप हेल्थ केयर सेंटर पर शुक्रवार की रात ऑपरेशन के बाद नवजात की मौत की सूचना पर पहुंचे स्वजन व रिश्तेदारो के बाद मामला बढ़ता देख मौके से चिकित्सक फरार हो गया। कुछ देर बाद पहुंचे उसके आधा दर्जन पालतू गुर्गों ने स्वजन को धमकाते हुए प्लास्टिक के झोले में रखा नवजात बच्चे का शव लेकर भाग गए। पीड़ित स्वजन द्वारा पीछा करने के बाद भी शव लेकर भागने वालों का पता नहीं चला। इस घटना के बाद गुस्से से तमतमाई पीड़ित परिवार के संग पहुंची महिलाओं नें बच्चे के शव की मांग की जिस अस्पताल में मौजूद चिकित्सक के छोटे भाई ने मौजूद महिलाओं से बत्तमीजी करना शुरू कर दिया जहाँ हंगामा बढ़ता देख पीड़ित के परिजनों की सूचना पर तुरन्त मौके पर 112 तथा दुल्लहपुर थाने से पुलिस भी पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही संचालक ने फोन कर नवजात का शव वापस मंगा लिया। पुलिस ने अस्पताल संचालक आकाश तथा उसके दो अन्य सहयोगी को लेकर थाना पहुंची। मालूम हो कि खुदाबख्शपुर निवासी अनीता देवी पत्नी मुकेश को पहली डिलीवरी होने के लिए प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार की सुबह छतमा गांव के एक फर्जी अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सक डीके गौतम ने प्रसव के नाम पर ताबड़तोड़ आठ इंजेक्शन लगा दिया। उसके बाद भी प्रसव पीड़ा नहीं होने पर उसने ऑटो में प्रसूता को लेटाकर 1 घंटे तक गड्ढे वाले सड़कों पर दौड़ाया कहा गढ्ढों में हिचकोले खाने के बाद प्रेसर बनेगा और डिलेवरी हो जाएगी लेकिन शाम तक अपने पास रखने पर भी जब डिलीवरी नहीं हुई तो वह अपने पहचान के ही हरदासपुर खुर्द स्थित जीवनदीप हेल्थ केयर सेंटर भेज दिया । चिकित्सक कमलेश चौहान ने पहले नॉर्मल डिलीवरी करने को कहा और पास के ही किसी झोलाछाप महिला डॉक्टर को बुलाकर नार्मल डिलेवरी करवाने लगा फिर ज्यादा स्थिति बिगड़ता देख आधी रात के बाद ऑपरेशन करने की बात कहते हुए 25 हजार रूपए की मांग किया। चिकित्सक द्वारा जच्चा बच्चा दोनों को सही रखने का भरोसा देने पर स्वजन ऑपरेशन के लिए राजी हुए। रात दो बजे ऑपरेशन के बाद लड़का पैदा हुआ लेकीन कुछ देर बाद ही उसकी मौत हो गई। स्वजन ने प्रसूता से नवजात के मौत की जानकारी छिपाए रखा कि उसे दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है। लेकिन अस्पताल में भीड़ जुटने पर प्रसुता को भी इस घटना की जानकारी हो गई। प्रसूता की हालत बिगड़ने पर एम्बुलेंस से महिला जिला अस्पताल भेज दिया गया। जिस सम्बन्ध में सीएमओ डा० देश दीपक पाल नेे बताया की अभी तहसील दिवस में है । विभाग के किसी अधिकारी को भेज कर जांच कराया जायेगा। एसओ केपी सिंह ने बताया कि नवजात को पीएम के लिए भेजा गया है रिपोर्ट आते ही विधिक कार्यवाही की जाएगी ।

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