आज माता सावित्री बाई फुले जी का जयंती बड़े ही धूम धाम से भांवरकोल क्षेत्र के भदौरा गांव में 378विधान सभा मुहम्मदाबाद के जनाधिकार पार्टी के अध्यक्ष धर्मेंद्र मौर्य जी के नेतृत्व में मनाया गया।जिसमे सभी उपस्थित लोगों ने शिक्षा की देवी माता सावित्रीबाई फुले जी के फोटो पर बारी बारी से फूल समर्पित किए, जिसमें मुख्य अतिथि पूर्व विधायक उमाशंकर कुशवाहा जी ,विशिष्ट अतिथि जन अधिकार पार्टी मंडल सचिव फौजी अशोक कुशवाहा जी,जिला उपाध्यक्ष सुदर्शन कुशवाहा जी, अन्य अतिथिगण परमानंद नंद मौर्य जी,मास्टर रुद्र नारायण मौर्य जी,मास्टर सुरेन्द्र मौर्य जी, अखिलेश मौर्य जी, विवेक मौर्य जी,अशोक कुशवाहा जी,,आशीष मौर्य जी,जिला पंचायत सदस्य उषा मौर्य जी,पूर्व प्रधान कपूरचंद मौर्य जी,मास्टर रमापति जी,तथा अन्य ग्राम वासी गण उपस्थित थे जिसमें मास्टर राधेश्याम मौर्य जी ने सभा की अध्यक्षता की।जिसमे समाज के वक्ता लोगो ने माता सावित्रीबाई फुले जी के जीवन के कार्य को अपने अपने अंदाज में लोगो को बताने का प्रयास किए,इसके बाद गांव के पढ़ने वाले उपस्थित बच्चे बच्चियों से जो भी वक्ता गण अपने भाषण में बोले उन्हीं में से प्रश्न पूछा गया और बच्चों ने कुछ सही कुछ गलत उत्तर बताने का प्रयास किए जो सही प्रश्न का जवाब दिए उन्हें कापी और कलम दिया गया। कार्यक्रम बहुत ही सराहनीय रहा।सभा का संचालन उमेश सिंह कुशवाहा ने किया । राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जी का जन्म 03जनवरी1831महाराष्ट्र के नायगांव में हुआ था।इनकी माता का नाम लक्ष्मीबाई तथा पिता का नाम खंडोजी नेवेसे था।इनका विवाह नौ वर्ष की उम्र ज्योतिबाराव फुले से हुआ ,उस समय ज्योतिबाराव 13 वर्ष के थे।सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और समाज सुधार के लिए कई काम किए:
राष्ट्रमाता सावित्रीबाई ने महिला शिक्षा के लिए काम किया और भारत की पहली महिला शिक्षिका बनीं. उन्होंने अपने पति ज्योतिराव फुले के साथ मिलकर 1848 में लड़कियों के लिए प्रथम स्कूल खोला था.
सावित्रीबाई फुले ने विधवा विवाह,छुआ छूट मिटाना,महिलाओं की मुक्ति और पिछड़ा ,अनुसूचित जाति,जनजाति को शिक्षित करने का काम किए, सावित्रीबाई ने प्लेग महामारी में लोगों की मदद की और इसी वजह से प्लेग से पीड़ित होकर उनका निधन हो गया.







